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chandraprabha kumar

Inspirational

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chandraprabha kumar

Inspirational

समझ समझ रे मेरे मना

समझ समझ रे मेरे मना

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समझ समझ रे मेरे मना 

संतों के पास जाओ,

पवित्र धारा निकलती है 

उसमें पवित्र हो जाओ ।


हम अपने अंतर तक 

स्वयं पहुँच नहीं सकते ,

पर थोड़ी तो सफ़ाई 

हम सब कर सकते हैं ।


जप तप साधना कर सकते हैं ,

जन्मों के पड़े संस्कार से 

भयानक सपना उजागर होता है ,

सन्तों के संसर्ग से जो शमित होता है।


सन्तों की धारा हमारे

अन्तस को पवित्र करती है

सन्तों के संसर्ग द्वारा जन्म -जन्म के

कर्मों की सफ़ाई होती है। 


मन चंचल है ध्यान नहीं लगता

आप पर सन्तों का आशिष् होगा, 

एक उपहार मिलेगा विश्वास का

संग में सन्तों के निर्मल मन होगा। 



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