Poonam Garg
Children
सिक्के बोले खन खन खन
हम घर से निकले अच्छे बन
खाए हमने पाव और बन
फोन बोले ट्रिन ट्रिन ट्रिन।
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
जंगली फूलों से होते हैं जंगली फूलों से होते हैं
याद आते हैं अब भी याद आते हैं अब भी
मैंने जो पौधे लगाए थे वो पेड़ बन गए होंगे मैंने जो पौधे लगाए थे वो पेड़ बन गए होंगे
मैं तो मजदूर हूँ मैं तो मजदूर हूँ
अपनी ही काया के पीछे भागता अपना ही साया अपनी ही काया के पीछे भागता अपना ही साया
आँसू सूख गये शोभा के आज खुद से ही आत्मसात हो कर । उठ खड़ी हुई कि शाम होने को आ गयी थी को आँसू सूख गये शोभा के आज खुद से ही आत्मसात हो कर । उठ खड़ी हुई कि शाम होने को आ गय...
देती है ये गांधारी श्राप देती है ये गांधारी श्राप
आजकल की माॅं भी बदल चुकी है... माॅडर्न हो गयी है... खुद का संभालते संभालते बच्चों को खोती जा रही है.... आजकल की माॅं भी बदल चुकी है... माॅडर्न हो गयी है... खुद का संभालते संभालते बच्चो...
बात पैसे की नहीं भावना अच्छी है बात पैसे की नहीं भावना अच्छी है
बच्चे प्यार से मुझको अपने पास बुलाते, अपने नाज़ुक कर कमलों से हैं सहलाते बच्चे प्यार से मुझको अपने पास बुलाते, अपने नाज़ुक कर कमलों से हैं सहलाते
गर्मी में बारिश होने की, दुआ बड़ी मांगा करते थे गर्मी में बारिश होने की, दुआ बड़ी मांगा करते थे
हर जतन करते हैं लड़के हर जतन करते हैं लड़के
पेड़ खड़ा था बुत बनकर पेड़ खड़ा था बुत बनकर
बाकी सब धोखेबाज़ी है. बाकी सब धोखेबाज़ी है.
माँ बाप ऐसे फूल है जो दोबारा कभी खिलते नहीं माँ बाप ऐसे फूल है जो दोबारा कभी खिलते नहीं
जब खेल खेल में गिरता और गिर कर फिर सम्भलता था, जब पिंकू, टींकू, गुल्लू संग शाम हमरा ढलता जब खेल खेल में गिरता और गिर कर फिर सम्भलता था, जब पिंकू, टींकू, गुल्लू संग शाम ह...
मैं कितनी महफूज़ हूँ तुम्हारी छत्रछाया में मैं कितनी महफूज़ हूँ तुम्हारी छत्रछाया में
आखिर ये कैसा है निशाना नहीं राह अब किसी पशु - पक्षियों का सुरक्षित ठिकाना, आखिर ये कैसा है निशाना नहीं राह अब किसी पशु - पक्षियों का सुरक्षित ठिकाना...
मानव जीवन की कल्पना भी नहीं, मानव जीवन की कल्पना भी नहीं,
टीचर जी कुछ पूछें तो ये चुप होकर हो जाते फेल ! टीचर जी कुछ पूछें तो ये चुप होकर हो जाते फेल !