Poonam Garg
Children
सिक्के बोले खन खन खन
हम घर से निकले अच्छे बन
खाए हमने पाव और बन
फोन बोले ट्रिन ट्रिन ट्रिन।
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
प्रकृति के रुप हैं कितने सभी निराले खूबसूरत हैं कितने। प्रकृति के रुप हैं कितने सभी निराले खूबसूरत हैं कितने।
दादी सुनाने को कहानी कहती है पर बच्चे अब बैठने पास नहीं आते दादी सुनाने को कहानी कहती है पर बच्चे अब बैठने पास नहीं आते
चार बच्चे, बहुत छोटे, जिनके मां बाप, सुनामी निगल गया। चार बच्चे, बहुत छोटे, जिनके मां बाप, सुनामी निगल गया।
वो थी सब उसकी याद में पत्ते घुमाकर देखा तो उसमें वो थी सब उसकी याद में पत्ते घुमाकर देखा तो उसमें
चांद तुम्हारे नखरे अनोखे कितने तुम इतराते हो। चांद तुम्हारे नखरे अनोखे कितने तुम इतराते हो।
माँ की ममता से दुनिया जीती जाती है, माँ की दुआ से सफलता हासिल की जाती है। माँ की ममता से दुनिया जीती जाती है, माँ की दुआ से सफलता हासिल की जाती है।
बच्चों को अपनी उम्र से जोड़ना नहीं, उन्हें किसी बंधन में बांधना नहीं बच्चों को अपनी उम्र से जोड़ना नहीं, उन्हें किसी बंधन में बांध...
आज अनायस ही बचपन यादें आँखो में उभर आई। आज अनायस ही बचपन यादें आँखो में उभर आई।
ये देश हमारा है धरती माँ अपनी है , कचरा हो कम, जिम्मेदारी सबकी है। ये देश हमारा है धरती माँ अपनी है , कचरा हो कम, जिम्मेदारी सबकी है।
रविवार का दिन था वो रविवार का दिन था वो
आज सुनाता हूं मैं ,पेड़ की एक कहानी। छोटी सी, प्यारी सी, थी एक बिज रानी। आज सुनाता हूं मैं ,पेड़ की एक कहानी। छोटी सी, प्यारी सी, थी एक बिज रानी।
एक केंद्र में कर स्थापित , दिनकर को रख आता कौन? एक केंद्र में कर स्थापित , दिनकर को रख आता कौन?
बस एकांत में स्वयं से साक्षात्कार करना ... तुम्हें अंधकार में प्रकाशपुंज नज़र आएगी। बस एकांत में स्वयं से साक्षात्कार करना ... तुम्हें अंधकार में प्रकाशप...
एक रानी की कहानी देखो है पुरानी राजा का राज्य छिन गया अलग हो गए राजा रानी। एक रानी की कहानी देखो है पुरानी राजा का राज्य छिन गया अलग हो गए राजा...
पूरी कोशिश के बाद भी इस धरती पे रह न पाए पूरी कोशिश के बाद भी इस धरती पे रह न पाए
पेड़ अपने अंकुर के साथ मुस्कुराते हैं कोमल पत्तों और खिले हुए फूलों की, पेड़ अपने अंकुर के साथ मुस्कुराते हैं कोमल पत्तों और खिले हुए फूलों की,
बिखरा किरणें आशा की निकलता पल-पल जलने को! ढ़लने को! बिखरा किरणें आशा की निकलता पल-पल जलने को! ढ़लने को!
मौसम की प्रशंसा सुन आलस भी आक्रमण कर देता, मौसम की प्रशंसा सुन आलस भी आक्रमण कर देता,
सूरज दादा प्यारे दादा, हम को भी बतलाओ ना। कैसे आ गये हो नभ में, ये भी तो समझाओ ना। सूरज दादा प्यारे दादा, हम को भी बतलाओ ना। कैसे आ गये हो नभ में, ये भी त...
भोर भये उठ सबसे पहले , नव किरण संग तुम आती हो। भोर भये उठ सबसे पहले , नव किरण संग तुम आती हो।