STORYMIRROR

Asima Jamal

Inspirational Others

3  

Asima Jamal

Inspirational Others

सीधी बात है

सीधी बात है

1 min
283

खून पसीना एक कर दिया था तुझ को पालने में

गया तू किसी और के संग हमें बुढ़ापे के संग छोड़कर

हमने भी तेरी यादें मिटा दी दिल के हर एक कोने से

नहीं की हमने गलती तुझे सीधी बात समझाकर

दिन हो या रात, ना कोई लड़की अकेली घूम सकती है

कर देते हैं उसको रेज़ा रेज़ा इंसानियत को भूल जाते हैं


ज़िंदा दफ़ना दो उन दरिंदों को टुकड़े टुकड़े करके

नहीं की मैंने गलती सब को सीधी बात कहकर

दीवानों की तरह चाहा, उसका हर एक रास्ता आसान किया

वो बेवफ़ा निकली, किसी और के साथ चल पड़ी

वादा दिलाया उन दोनों से अब सिर्फ

एक दूसरे के ही होकर रहना

नहीं की मैंने गलती उसको सीधी बात कहकर



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational