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Umesh Shukla

Abstract

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Umesh Shukla

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शोर...

शोर...

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शोर अक्सर वहीं मचता है

जहाँ अव्यवस्थाएं घनघोर


बाधाओं का संकेतक इसे

मानते हैं विशेषज्ञ चहुंओर


शोर बता देता है समस्या से

ग्रस्त जनसमूह की पीड़ाएं


यह संकेत भी देता कि ठीक

से काम नहीं कर रहे निकाय


सरकारों और प्रबंधकों का यह

कर्तव्य है वे दे पीड़ा पर ध्यान


अन्यथा जन समूह की दिक्कतें

उन्हें भी कर सकती हैं हैरान।


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