STORYMIRROR

Sumita Sharma

Abstract Inspirational

3  

Sumita Sharma

Abstract Inspirational

शिखर

शिखर

1 min
176

सुना है शिखर पर

पहुँचना कर देता है 

अक्सर एकाकी

लगा देतीं हैं सुविधाएँ

आगे बढ़ने की गति पर विराम

इसलिये मेरी वरीयता में

पथ हैं शिखर नहीं

पथ में सहयात्री भी मिलते हैं

वहीं प्रेरणा भी निहित है

पथ पर चलने की

पथिक विराम नहीं लेते

विराम मृत्यु है यात्री की



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract