शहीद दिवस
शहीद दिवस
स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी एक
जो आजाद पार्टी का सदस्य था
सरदार किशन सिंह का वीर सपूत जो
विधावती का लाड़ला था॥
हत्या कांड था जालियाँवाला
जो गहन प्रभाव भगत पर डाल गया
जे0 पी0 सांडर्स को मारना
जीवन का लक्ष्य बन गया था॥
स्वतंत्रता दिलाने का एकमात्र रास्ता
सशस्त्र क्रांति का रास्ता खुल मिल गया था
पढ़ाई-लिखाई छोड़ के बना जो
नौजवान भारत सभा का संस्थापक था॥
रद्द हुआ जो असहयोग आन्दोलन
मन में रोष भी भरा गया था
हिंसात्मक क्रांति का मार्ग अपनाना
न उनकी नजरों में बुरा था॥
सत्य-अहिंसा पर विश्वास रहा न
आजाद के संग जो गदर दल का हिस्सा बन गया था
तैयार किया फिर नवयुवकों को जब
हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन का सदस्य बन गया था॥
बम सेण्ट्रल एसेम्बली में फैक दिया
बनाना हृदय में डर का मकसद था
आहात न हो कोई इस क्रम से
उन्होने इस बात का ध्यान भी रखा था॥
लाला लाजपत राय की मौत से टूटे
भारत साइमन कमीशन जब आया था
स्काट को मारने की योजना बनायी
जब आजाद-सुखदेव संग गुरु मिल गया था॥
रक्तपात के पक्षधर नहीं
स्वीकार वामपंथी विचारधारा को करता था
शोषण पसंद न पूँजीपतियों का
विरोधी उनका बन गया था॥
बम फेंका जहाँ रहा मौजूद वहाँ पर
नहीं मौके से भागा था
गिरफ्तार हुए खाकी वर्दी में
नारा इंकलाब-जिन्दाबाद ज़ोर से बोल रहा था॥
सजा माफी का विकल्प खुला था
इंकार लेकिन कर गया था
रंग दे बंसन्ती गाना गाता
जेल में भी लेलिन की जीवनी पढ़ रहा था॥
फाँसी की सजा मिली थी
उसको उसका डर न था
स्वीकार किया उसे हँसते-हँसते
बेखौफ सूली पर चढ़ गया था॥
अमर हो गये भगत सिंह जी
अंग्रेज़ फिर भी डर गए थे
आन्दोलन कहीं भड़कना न जाये
जला अधकचरा छोड़ उसे भाग गए थे॥
जनता ने पूरे विधि-विधान से
दाहसंस्कार उनका कराया था
स्वर्ग में बैठा देख रहा वह
जो नई ज्योति आजादी की जलाया था॥
