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Shakun Agarwal

Abstract

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Shakun Agarwal

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शब्द की तलवार

शब्द की तलवार

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शब्द की तलवार होती है नुकीली धार की

जो चुभे सीधे से दिल में जख्म भरते भी नहीं।


बोल बोलो तुम वही सौगात दे जो प्यार की

शब्द की तलवार होती है नुकीली धार की।


बात हो जग में सदा सीधे सरल व्यवहार की

बोल ये मीठे किसी का मान हरते भी नहीं।


शब्द की तलवार होती है नुकीली धार की

जो चुभे सीधे से दिल में जख्म भरते भी नहीं।


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