STORYMIRROR

Sandeep Prajapati

Romance

2  

Sandeep Prajapati

Romance

शायरी संदीप की

शायरी संदीप की

1 min
809

हमे तो लोगो ने भूलना शुरु कर दिया ।

ना जाने हमने कौन सा गुनाह कर दिया।।

छोड़ो फिक्र की बातें हमें क्यों याद करे कोई।

हमने भी बिना उनके रहना सीख लिया।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance