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Sandeep Prajapati

Romance

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Sandeep Prajapati

Romance

शायरी संदीप की

शायरी संदीप की

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हमे तो लोगो ने भूलना शुरु कर दिया ।

ना जाने हमने कौन सा गुनाह कर दिया।।

छोड़ो फिक्र की बातें हमें क्यों याद करे कोई।

हमने भी बिना उनके रहना सीख लिया।।



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