Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

सहारा

सहारा

1 min 271 1 min 271

तुझसे दूर होकर

मैं तेरे पास नहीं

किससे कहूं ये

सारी बातें अनकहीं।


तू नहीं तो मैं नहीं

तू हैं तो मैं हूं

तेरे साथ मैं

हमेशा ही रहूं।


दुनिया के समंदर में

मैं कहीं डूब न जाऊं

कौन बचायेगा मुझे

मैं किसका सहारा पाऊं ?


तुम आ जाओ

साहिल बनकर

खूश रहूंगी मैं

तुम्हें पाकर।


Rate this content
Log in

More hindi poem from UMA PATIL

Similar hindi poem from Romance