Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

सहारा

सहारा

1 min
294


तुझसे दूर होकर

मैं तेरे पास नहीं

किससे कहूं ये

सारी बातें अनकहीं।


तू नहीं तो मैं नहीं

तू हैं तो मैं हूं

तेरे साथ मैं

हमेशा ही रहूं।


दुनिया के समंदर में

मैं कहीं डूब न जाऊं

कौन बचायेगा मुझे

मैं किसका सहारा पाऊं ?


तुम आ जाओ

साहिल बनकर

खूश रहूंगी मैं

तुम्हें पाकर।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance