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UMA PATIL

Romance

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UMA PATIL

Romance

सहारा

सहारा

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तुझसे दूर होकर

मैं तेरे पास नहीं

किससे कहूं ये

सारी बातें अनकहीं।


तू नहीं तो मैं नहीं

तू हैं तो मैं हूं

तेरे साथ मैं

हमेशा ही रहूं।


दुनिया के समंदर में

मैं कहीं डूब न जाऊं

कौन बचायेगा मुझे

मैं किसका सहारा पाऊं ?


तुम आ जाओ

साहिल बनकर

खूश रहूंगी मैं

तुम्हें पाकर।


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