शादी विवाह रिश्ता
शादी विवाह रिश्ता
-पति पत्नी अर्धागिनी बीबी शौहर वाइफ हसबैंड चाहे जिस भाषा भाव मे सम्बोधन।।
मतलब अर्थ एक ही जीवन साथी सुख दुख का भागी मित्र दोस्त हमसफ़र हमराज।।
पाश्चात सभ्यता मैरेज कहता इस्लाम निकाह सत्य सनातन में शादी विवाह ।।
मैरेज स्वार्थ मतलब भौतिकता उत्कर्ष अक्सर वाइफ शौक पसंद पर बदल जाती
एक दिन मैरेज कुछ दिन का साथ गुड़ मार्निंग गुड नाइट टाटा बाय बाय।।
स्वतंत्रता का ही पर्याय निकाह जीवन का समझौता जब जी चाहे बोला
जाता तलाक तलाक तलाक जीवन के सम्बन्धो का होता हलाला हलाक।।
सत्य सनातन में शादी विवाह जीवन भर का रिश्ता चाहे जो भी हो हालात।।
पति पत्नी रहते साथ साथ पिता बेटी को विदा करता पकड़ा कर अनजाना हाथ साथ।।
आशीर्वाद संग कहता बेटी कुल मर्यदा कि लाज निभाना डोली में
विदा किया है बाबुल से अब अर्थी पर सासुराल से ही जाना।।
क्या सुंदर भारत कि परम्परा बेटियाँ भी बाबुल मर्यदा करती
शिरोधार्य पति चरणों सेवा में ही मानती जीवन स्वर्ग साम्राज्य।।
पति पत्नी में नोक झोंक भी होते होती रार पति पत्नी को ताने देता जाने
क्या क्या कह देता रूठता मानता भारत के घर परिवारों में
पति पत्नी का यही आचरण प्रिय व्यवहार।।
पत्नी गर रूठ जाती जाने क्या क्या जतन करता आये जैसे भी पत्नी के चेहरे पर मुस्कान।।
नोक झोंक झगड़े भी कैसे पत्नी का पनौती बेलन चिमटा ही
शस्त्र एक दूजे के कुल परिवारों को ताना देना ही शास्त्र।।
पत्नी लक्ष्मी जैसी पति विष्णु समान लक्ष्मी कि फरमाईस
आभूषण भाई बहनों का दखल स्वयंभू परिवार।।
ससुरारी पियारी भई जबसे रिपु रूप कुटुंब भए तबसे कह गए तुलसी दास।।
पति अपने भाई बहनों परिवार का चाहता विशेष ख्याल
एक प्रमुख कारक कारण बन जाता है घर पति पत्नी का कुरुक्षेत्र युद्ध मैदान।।
दूजा इष्ट मित्र पड़ोसी से धन दौलत कि प्रतिस्पर्धा का मैदान
तीजा पति मुख से पराई नारी कि कदाचित प्रशंसा युद्ध उत्कर्ष सत्यार्थ।।
पत्नी ताना देती झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डारियो
मैं मैके चली जाँऊगी तुम देखते रहियो पति बेचारा लाचार।।
पति कहता जमाना तो है नौकर बीबी का हे
गृह लक्ष्मी तू ही मेरी हस्ती शक्ति काहे का तकरार।।
तेरे हाथों से अच्छा ही लगता बेलन चिमटे का वार लड़ते और
झगड़ते जाने कब हो आने को होती जीवन कि शाम।।
बच्चों कि पीढ़ी कहती अम्मा बाबू जी मम्मी डैडी पिता जी
माँ ने जीवन मे बहुत किया है त्याग सच्चे अर्थों में है यही वागवन।।
समय बदल रहा है नई पीढ़ी पाश्चात्य में ढल रही है
अब हो रहा विखटित भारतीय समाज।।
पति पत्नी में नोक झोंक नही होता युद्ध आर पार भारतीयों ने
ईजाद कर लिया स्वंय के लिए डायबोर्स एव तलाक।।
परिवार न्यायालय परिवारो के छद्म अहंकार के बोझ तले दबे हुए करते इतंजार।।
पति पत्नी के नोक झोंक व्यंग हास परिहास परिवार का क्यो हो रहा ह्रास।।
नई पीढ़ी क्यो बात बात झूठे आकर्षण अहंकार में नारी को वस्त्र समझ बदलता
करता नारी का अपमान नारी जत्र पूजएते रमन्ते तंत्र देवता भारतीय जीवन दर्शन का अपमान।।
