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Vijay Kumar Vishwakarma

Abstract Others Children

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Vijay Kumar Vishwakarma

Abstract Others Children

सच्चा साथी

सच्चा साथी

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कोई प्यार खोजता है

कोई यार खोजता है

जब तक है जीवन

बार बार खोजता है


कभी पेड़ों के पास

आओ तो जरा

पेड़ों में भी है जान

वो इंसान खोजता है


वो न रूठता कभी

न डांटता कभी

न बहाने बनाता

न झूठ बोलता है


कुछ मांगता नही

सब देने को तैयार

चोट पहुंचाओ हजार

दिल नही तोड़ता है।


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