STORYMIRROR

Pawanesh Thakurathi

Inspirational

3  

Pawanesh Thakurathi

Inspirational

सैनिक की प्रेयसी की दीपावली

सैनिक की प्रेयसी की दीपावली

1 min
529

तुम नहीं हो संग

दीवाली कैसे मनाऊं

तुम बिन मेरे प्रियतम

देहरी कैसे सजाऊं। 


रात-दिन फिक्र तुम्हारी

बेचैन मुझे कर देती है

तुम बिन तन्हाई मुझे

नागिन-सी डस लेती है। 


जाने किस हाल में होंगे

सीमा पर तैनात तुम

देश की रक्षा की ख़ातिर

डटे हुए हे नाथ तुम


जीवन का ना लोभ तुम्हें

ना मोह तुम्हें घर-बार का

ना चिंता बच्चों की कोई

ना उल्लास कोई त्यौहार का


कोई बात नहीं प्रियतम

तुम जहाँ रहो बस कर्म करो

देश की सेवा की ख़ातिर

समर्पित जीवन-धर्म करो


बात युद्ध की हो जब तो

दुश्मन को मार भगाना तुम

कदम हटाना कभी न पीछे

सीने पर गोली खाना तुम


सैनिक की अर्द्धांगिनी हूँ

मैं दीपावली मनाऊंगी

तुम्हारी विजय की ख़ातिर

सौ दीये मैं जलाऊंगी। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational