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संजय कुमार

Abstract

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संजय कुमार

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सावन की ऋतु आई

सावन की ऋतु आई

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सावन के बादल झूम के आए

मेघ को अपने साथ में लाए

अम्बर में काली घटा है छाई

जलचर करें बधाई बधाई

अम्बर में काली घटा है छाई

नील गगन सब धरती से पूछे 

ग्रीष्म ऋतु तुमने कैसे बिताई

जल गया गोरा अंग हमारा

ग्रीष्म ऋतु ने ऐसी आग लगाई 

अम्बर में काली घटा है छाई

मेंढक ताल से ताल मिलाए

रिमझिम संग जब वर्षा आए

बाग बगीचे झूम झूम लहराए

मोर पपिहा जब कोयल गाए

अम्बर में काली घटा है छाई

सावन की क्या ऋतु है आई


       


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