ऋतुराज के स्वागत में
ऋतुराज के स्वागत में
मोर मोरनी संग कर रहें हैं नृत्य
माँ धरती की खुशी की सीमा नहीं
अंबर के चेहरे पर है मुस्कान
पौधे गा रहें गीत झूम झूमकर
ऋतुराज के स्वागत में
सभी हैं मस्त और हर्षित।
कोयल है मधुर स्वर में गा रही
मोर भी कर रहा है नृत्य झूम-झूमकर
मोरनी है उछल कूद कर रही
चहुंओर है हरियाली और खुशहाली
ऋतुराज के स्वागत में
सभी हैं मस्त और हर्षित।
प्रेमी-प्रेमिका का है महीना वसंत
हैं प्रेम के पुष्प सभी प्रेमी
प्रेम की बगिया में खिला रहे
हैं सभी प्रेमी-प्रेमिका खुश बहुत
ऋतुराज के स्वागत में
सभी प्रेमी-प्रेमिका भी हैं हर्षित।
किसानों की सुनी है रब ने गुहार
ठंड से देकर निजात
दूर किया है रब ने उन निर्धनों का दुःख
हैं सभी बेसहारे,बेबस लाचार,किसान भी खुश बहुत
ऋतुराज के स्वागत में
सभी बेबस, निर्धन भी हैं अत्यंत हर्षित।
