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Bijal Jagad

Abstract

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Bijal Jagad

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रंग - ए - सुखन

रंग - ए - सुखन

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ज़िंदगी के कितने बेहतरीन है रंग,

दबीज़ जुनून -ए -सफर का है रंग।  

 

चढ़ रहा मुझे पे आफताब का रंग,

इनायते - एजाज़ सनम का रंग।


कुछ खुदी का कुछ बे-खुदी का रंग,

दिल पे दर्द - ए -तन्हाई का रंग।


प्यार गया तो कैसे मिलते दो रंग,

रंग हो मजनू और लैला पे बरसे रंग।


आंखों में घुंटे जाफरानी का रंग,

बादल से बरसे आशिकी का रंग।


हर्फ आंसू खामोश ओस के रंग,

गुलाबी यादों मे गुलाब का रंग।


ओस में डूबी जवानी का रंग,

हरे पत्तो पे है गौहर का रंग।


फूलों की कियारी खुशबू के रंग,

भेजी है कलियां बागों का रंग।


उनकी याद के है ये सारे रंग ,

दर्द फूलों की तरह महके रंग।


खामोश तस्वीर आवाज़ का रंग,

लफ़्ज़ों मै चुप्पी विरानी का रंग।


लहज़े का रंग लफ्जों का रंग,

कलाम मैं सूफी सियाही का रंग।


कहीं अबीरकी खुशबू गुलाल का रंग,

ज़मीन का रंग वही आसमान का रंग।


इश्क का रंग मोहब्बत का रंग,

मेरे लहू मैं हिनाई पा का रंग।


मेहरबा रात , महकती रात का रंग,

चांद की चांदनी अंदाज का रंग।


अपनी ही तस्वीर और अपना ही रंग,

खिल रहा जोहर -ए -तौकीर का रंग।


मिस्रा -ए -उल्ला इबादत का रंग,

कासनी ख्वाब मैं घुले यादों का रंग।


तितलीयों का रंग झूमते बादल का रंग,

उड़ता आंचल और आजादी का रंग।


अजब रंग गजब रंग बेवफाई का रंग,

अंग अंग से बरसे शोल्रो का रंग।


मैखाने का रंग , पैमाने का रंग, 

साकी की आंखों मै जुदाई का रंग।


खत्म हुआ गर्दिश-ए -तकदीर का रंग,

आइना-ए-नाम-ओ नुमूद का रंग।


एक चेहरा तमाम सुर्ख मरहम का रंग,

गम के हर इक जर्द गम का रंग।


रूबाब-ए -दिल ग़ज़ल का रंग,

गालिब का रंग , फराज़ का रंग।


बहारों का रूप तेरी नजर का रंग,

इश्क ने हजार फरोग -ए -रंग।


मेरे आंखों मैं तेरे ख्वाब का रंग,

धुंद में चलते ख्वाइशों का रंग।


होली मैं जैसे कोई उड़ाए रंग,

हर रंग से मिलता जुलता मेरा रंग।


होली के अब बहाने छिड़का है रंग,

करिश्मे हवा-ए-विसाले सूखन का रंग।


सतरंगी हवा पे अब बरसे है रंग,

जाहिर हो रहे कैफियत के रंग।


फलक के,खल्क के, हैरत का रंग,

बदलने लगा है नकाब का रंग।


छुपे नहीं छुपाता इ'ताब का रंग,

बदल रहें है भाई अब दुनिया के रंग ।


सात सुरों के साज का रंग ,

दिल की मद्धम आवाज़ का रंग।


कभी उतरे जो मेरे पोशाक के रंग,

दुनिया देखेगी मेरे खाक का रंग ।


रुख़-ए-रौशन जमाल का रंग,

 सूखे होटों पे आगाज का रंग।


हर एक लब पे है रंग -ए -सुखन,

धड़कनों के ताल पे कलम का रंग।



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