रिश्ता
रिश्ता
रिश्ता बनाए रखने के लिए भावनात्मकता एवं
आय का तालमेल आवश्यक होता है
आपके भाव अपने प्रियजन बंधुजन हेतु भले ही जुड़े हैं
किंतु आपके पास आय के साधन नहीं तो रिश्ता नहीं
आपके पास पर्याप्त आय के साधन/स्त्रोत क्यों ना हो
आपके प्रियजन/बंधुजन के प्रति भाव नहीं तो रिश्ता नहीं
आपके पास दोनों ही है भाव भी और आय भी
पर आपसी तालमेल (खर्च और सम्मान दोनों) नहीं तो रिश्ता नहीं,
ये दोनों पर्याप्तता में हो तो प्यार, मैत्री, विश्वास,
सभी स्वतः ही हो जायेगा, ये नहीं तो रिश्ता नहीं।
