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Social Solver

Classics

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Raksha Bandhan

Raksha Bandhan

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रेशम के धागे, सुनो ज़रा

 मुझे क्या बतलाते हैं, 

उन पलों को जियो, 

जो समय के साथ कहीं धुंधले हो जाते हैं

जिनमें रक्षा के वचन के साथ , 

और कई सारी बातें हैं, 

कुछ खट्टी शरारतें तो कुछ मीठी यादें हैं।


रेशम के धागे, सुनो ज़रा 

मुझे क्या बतलाते हैं। 

कि मैं साक्षी हूँ उस प्रेम का

जिसमें भाई बहनों के रिश्ते बांधे जाते हैं

इस रिश्ते की क्या कीमत हैं, 

ज़रा मुझ से पूछो

यूँ ही नहीं लोग इन्हें बरसों 

अपने दिलों में सजाते हैं। 



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