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DR ARUN KUMAR SHASTRI

Abstract

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DR ARUN KUMAR SHASTRI

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रासायनिक सब्जियां

रासायनिक सब्जियां

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हृदय की ,शरीर की किस को बताऊँ

दर्द जो उठा उदर में,मैं किस किस को दिखाऊं

हाय रे हाय ये सब्जियां रसायनिक सब्जियां।

नज़र कुछ आता नहीं कुछ और खा सकता नहीं

छुपे हुए शत्रु से मैं कैसे निजात पाऊं।

वेदना हृदय की शरीर की किस को बताऊँ

दर्द जो उठा उदर में किस किस को दिखाऊं

हाय रे हाय ये सब्जियां रसायनिक सब्जियां।

दिखने में बहुत हसीन हैं लाल लाल कपोल सी

चमकता हुआ वर्ण इनका जैसे नवयुवती षोडशी

इनके मायाजाल से कैसे मैं निकल पाऊँ।

वेदना हृदय की शरीर की किस को बताऊँ

दर्द जो उठा उदर में किस किस को दिखाऊं

हाय रे हाय ये सब्जियां रसायनिक सब्जियां।

गोभी गहन त्राटकी कटी जिसकी कंचुकी सर पर उठाये ताज सी

बुला रही मुमताज सी गोरे गोरे गालों को फुलाये।

वेदना हृदय की शरीर की किस को बताऊँ

दर्द जो उठा उदर में किस किस को दिखाऊं

हाय रे हाय ये सब्जियां रसायनिक सब्जियां।

मिर्ची चटोरी सखी बनलुभा रही तन

तनतीखी कटारी सेजिया में चुभाये।

वेदना हृदय की शरीर की किस को बताऊँ

दर्द जो उठा उदर में किस किस को दिखाऊं

हाय रे हाय ये सब्जियां रसायनिक सब्जियां।



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