STORYMIRROR

Dimple Khari

Abstract

3  

Dimple Khari

Abstract

राखी का त्योहार

राखी का त्योहार

1 min
54

आया पावन राखी का त्यौहार,

है ये भाई बहन का प्यार।

सूनी कलाई पर भाई की ,

जब बहन की राखी सजती है।

अपनी रक्षा करने का बस,

वचन वो भाई से लेती है।

रेशम का एक धागा लेकर भी,

उसे प्रेम भाव से भी बांधे।

वो ही राखी हो जाती है,

मन सच्चा जब कोई साधे।

लोग तोल रहे है राखी को,

कुछ पैसे और उपहारों से ।

कोई मोल नही हैं राखी का ,

ये राखी तो अनमोल है…..


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract