Sumit Kumar arora
Drama
होठों पर मुस्कान है, दिल में दर्द है। होठ चुप है, दिल कुछ कहता है, पत्थरों की दुनिया में कौन किस की सुनता है।
ज़ख़्म
पत्थर
मुझे खुशी होगी तब, जब इस देश से इन शत्रुओं का, नामोंनिशान मिटाकर, आराम से धरती की गोद में, मिट्टी मे... मुझे खुशी होगी तब, जब इस देश से इन शत्रुओं का, नामोंनिशान मिटाकर, आराम से धरती क...
जीवन का दर्शन कराती यह कविता मनुष्य को उसके अस्तित्व के बार में बताती है । जीवन का दर्शन कराती यह कविता मनुष्य को उसके अस्तित्व के बार में बताती है ।
भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था। भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था।
कितनी बार ? वही पुरानी बात वही हालात कहूँ मैं... कितनी बार ? वही पुरानी बात वही हालात कहूँ मैं...
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
एक वृक्षात्मा...। एक वृक्षात्मा...।
माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है। माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती प...
मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना ! मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना !
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और व... "मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मै...
एकांत में भी हिन्दी को अपने पास ही पाया... एकांत में भी हिन्दी को अपने पास ही पाया...
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of...
रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक घर कमा के ही लौटना!... रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक...
ये 'बाबुल' सदा तेरे साथ है, जब-जब याद करेगी, अपने आस-पास ही पाएगी... ये 'बाबुल' सदा तेरे साथ है, जब-जब याद करेगी, अपने आस-पास ही पाएगी...
अब डर नहीं लगता, किसी के दूर जाने का, अब दिल नहीं करता, किसी से जुड़ जाने का...! अब डर नहीं लगता, किसी के दूर जाने का, अब दिल नहीं करता, किसी से जुड़ जाने का...!
अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से. अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से.
देख-ए-इंसान, तेरे देश का हाल क्यूँ बदहाल है... देख-ए-इंसान, तेरे देश का हाल क्यूँ बदहाल है...
मैं शब्दों की दुनिया में आया हूँ मनुष्य जाति की ओर से उनका शुक्रिया अदा करने। मैं शब्दों की दुनिया में आया हूँ मनुष्य जाति की ओर से उनका शुक्रिया अदा करने।
हाँँ ! वो उड़ना चाहती है उड़ना चाहती है गिरना चाहती है गिरकर उठना चाहती है पर वो रुकना नही चाहती, बस व... हाँँ ! वो उड़ना चाहती है उड़ना चाहती है गिरना चाहती है गिरकर उठना चाहती है पर वो र...
तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...! तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...!
मैंने इंसान की जान को कुछ रुपयों में बिकता देखा है मैंने एक हसीन ज़माने को तहस नहस होता देखा है...... मैंने इंसान की जान को कुछ रुपयों में बिकता देखा है मैंने एक हसीन ज़माने को तहस...