STORYMIRROR

सूर्यदीप कुशवाहा

Abstract

3  

सूर्यदीप कुशवाहा

Abstract

प्रयास

प्रयास

1 min
271

जीवन की राहों पर

बस नन्हा प्रयास पाकर

खिल सकता हूं

आप का साथ पाकर

दुर्गम पकडंडियो पर

दौडूंगा आपका हाथ पकड़कर

छोटा हूं पर

मंजिल तक पहुंचूंगा जरूर

फौलादी इरादा है

पहुंचना है गंतव्य पर

घबराना नहीं

बस विश्वास रख अपने पर

जीतेगा तू बस यकीन रख

लक्ष्य तक जायेगा जरूर

उम्मीद का है सुरूर

प्रयास से तू निखर



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract