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सूर्यदीप कुशवाहा

Abstract

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सूर्यदीप कुशवाहा

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प्रयास

प्रयास

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जीवन की राहों पर

बस नन्हा प्रयास पाकर

खिल सकता हूं

आप का साथ पाकर

दुर्गम पकडंडियो पर

दौडूंगा आपका हाथ पकड़कर

छोटा हूं पर

मंजिल तक पहुंचूंगा जरूर

फौलादी इरादा है

पहुंचना है गंतव्य पर

घबराना नहीं

बस विश्वास रख अपने पर

जीतेगा तू बस यकीन रख

लक्ष्य तक जायेगा जरूर

उम्मीद का है सुरूर

प्रयास से तू निखर



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