STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

प्रकृति का नज़ारा

प्रकृति का नज़ारा

1 min
163

बहुत ही खूबसूरत है ये प्रकृति का नज़ारा

छू लेता है ये रूह का अनछुआ तार हमारा


बहुत सारा दुःख मेरा तो हल्का हो जाता है

ये लगता हमको तो गम हटाने का एकतारा


ये तो हमारे बनावटीपन से बहुत ही दूर है,

अपनेपन के अहसास से ये तो भरपूर है,


मन के भीतर बहुत सुकून देता है,

ये नज़ारा बहुत ही खूबसूरत है ये प्रकृति का नज़ारा


निर्मल, पावन है, गंगा जल सा पवित्र धन है

दिखती है इसमे गंगा नदी सी पावन धारा


बहुत ही खूबसूरत है ये प्रकृति का नज़ारा

इसमें समाया है जन्नत का हर एक नज़ारा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational