STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

प्रकाश पर्व

प्रकाश पर्व

1 min
32

दुनिया भर में मनाया जाता है यह पर्व

दुनिया जिसे कहती है प्रकाश पर्व,

सिखों के पहले गुरु नानक देव जी की 

जयंती का पर्व है प्रकाश पर्व।

यह पर्व हर व्यक्ति को साथ साथ रहने

अपने श्रम से कमाई करने की सीख देता है,

मन की बुराइयों को दूर करने

और उसे सत्य, ईमानदारी, सेवाभाव से

प्रकाशित करने का संदेश देता है।

प्रकाश पर्व वाह्य रोशनी नहीं

अपने अंदर के अंधकार को 

दूर करने के संकल्पों का दिन है।

पंद्रह अप्रैल चौदह सौ उन्चास को

पंजाब के तलवंडी में जन्मे

गुरु नानक देव जी की माँ का नाम

तृप्ता और पिता का नाम कल्याण चंद,

सिखों के लिए गुरु नानक देव जी की

जयंती का अति विशेष महत्व है।

गुरु नानक देव जी की जयंती को

प्रकाश पर्व कहने का प्रयोजन विशेष है

गुरु नानक देव जी ने अपना जीवन

समाज को समर्पित कर दिया था,

जात पात मिटाने और एकता के सूत्र में

बांधने का उपदेश दिया था।

समाज में ज्ञान फैलाने काम किया,

इसीलिए गुरु नानक देव जी की जयंती को

पावन प्रकाश पर्व का मान मिला। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract