प्रेम
प्रेम
तुम से मिलना है..
बातें करनी है...
गलतफहमियां दूर करनी है...
तार जोड़नी है...।। १ ।।
फासले कम नहीं...
बल्कि मिटा देने हैं...
तुम्हें करीब बांध के रखना है... ।।२ ।।
नहीं चाहता कोई नाराज़गी...
केवल सुख का उत्सव हो...
दुःख कोसों दूर हो... ।। ३ ।।
तेरा साथ रहे सदा के लिए...
तेरे संग हंसते हंसते...
सारे दुःख अपने आप गुजर जाएं ।। ४ ।।
ना कोई बंधन रहे हमारे बीच...
रहे गर कुछ हमारे बीच...
तो रहे...
केवल विश्वास और प्रेम... ।। ५ ।।

