प्रेम के दो शब्द
प्रेम के दो शब्द
प्रेम के दो शब्द बोल दो,
जीवन है चार दिन के ,
नफरत करना छोड़ दो ।
अगर जिंदगी में सुकून नहीं है
तो सभी दोस्तों से मिलो ,
उनसे मिलकर ,
प्रेम के दो शब्द बोल दो।
(मौलिक रचना)
चेतन सिंह 'चितेरी' प्रयागराज , उत्तर प्रदेश
२८/०४/२०२६ , १:४५ पूर्वाह्न
