पर्दा प्रथा
पर्दा प्रथा
क्यों चली?
कब से चली?
किसने लागू की?
यह किसी को नहीं है पता।
बस पीढी दर पीढ़ी,
चली आ रही है यह प्रथा।
क्यों है ये?
क्या जरूरत है,
क्यों छुपानी पड़ती सूरत है।
मां,
बेटी,
बहन,
इन पर नहीं लागू है,
बस बहुओं पर चलता काबू है।
क्या?
सिर्फ बस इसी से,
दिखते संस्कार हैं।
तो बिना घूंघट वाले रिश्ते,
सब बेकार हैं।
कब तक?
आखिर कब तक?
यूं ही चलती रहेगी,
कब यह कुरीति समाज से मिटेगी?
