STORYMIRROR

Abhi Sharma

Inspirational

3  

Abhi Sharma

Inspirational

पिता

पिता

1 min
238

गम सीने में दबाए वो चेहरे से अक्सर मुस्करा देता है।

वो नन्हें से परिंदों का बड़ा आसमां होता है।।


जिसने जवानी गिरवी रख दी बच्चों का कल बनाने में।

ये पिता भी मानो तो जमीं पर इक खुदा होता है।।


वो अकेला बैठा अक्सर ही रो देता होगा।

बच्चों की खातिर क्या क्या खो देता है।।


बिन मतलबी मोहब्बत बस पिता निभाता है।

ये पिता हर मुश्किल में जीना सिखाता है।।


पिता को क्या मैं लिखूं पिता ने मुझे लिखा है।

जिंदगी की हर मुश्किल में पिता ही साथ दिखा है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational