STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

फूल अतिउत्तम

फूल अतिउत्तम

1 min
250

जिंदगी में मिले सितम

सिखाते है पाठ उत्तम


कैसे आंसू में हंसते है

दर्द करते गम को कम


एक हंसी मुस्कान से,

भर जाते सब जख़्म


जीत मिलती अनुपम

तपता जितना स्वर्ण


वो मिटाते जग में तम,

जो बनते दीप उत्तम


वो रोते बहुत कम,

ईमान से करते करम


शूल दर्दोगम,सहनेवाला 

बनता फूल वो अतिउत्तम!




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational