Ankita AK
Romance
वो इश्क़ ही क्या
जिसमें रुसवाई न हो,
वो पहली मुहब्बत ही क्या
जिसमें बेवफाई न हो।
वो पहला प्यार ही क्या
जो पहली दफा ही मिल जाए,
और उस प्यार की कदर ही कहाँ
जिसमें यार की जुदाई न हो ।
पहली मुहब्बत
एक तरफा प्यार
अपने प्यार को याद करते हुऐ प्रेमिका का प्रेमी को उन यादों को मिटा सकने को ललकारना........ अपने प्यार को याद करते हुऐ प्रेमिका का प्रेमी को उन यादों को मिटा सकने को ललकारन...
परछाई बन जाऊँगा मैं तेरे जिस्म की, मेरी होकर तू मुझे अपना बना दे। परछाई बन जाऊँगा मैं तेरे जिस्म की, मेरी होकर तू मुझे अपना बना दे।
तब अपने अपने धर्म को उच्च बताने का ये समाज करते हैं व्यापार। तब अपने अपने धर्म को उच्च बताने का ये समाज करते हैं व्यापार।
*अ* भी-अभी तो मिली सजन से, *आ* कर मन में बस ही गये। *अ* भी-अभी तो मिली सजन से, *आ* कर मन में बस ही गये।
फासलों की कशिश से कहाँ मरती है प्रेम की चरम। फासलों की कशिश से कहाँ मरती है प्रेम की चरम।
तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने में। तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने ...
मेरी कल्पनाओं से बढ़ कर हो तुम मेरे ख्वाबों को पूरा सिर्फ करती हो तुम। मेरी कल्पनाओं से बढ़ कर हो तुम मेरे ख्वाबों को पूरा सिर्फ करती हो तुम।
प्रेम का ख़याल प्रेम से भी बड़ा और आकर्षक होता है। प्रेम का ख़याल प्रेम से भी बड़ा और आकर्षक होता है।
वो तो हमारी हर चिट्ठी को बस काग़ज़ समझते थे। वो तो हमारी हर चिट्ठी को बस काग़ज़ समझते थे।
मैं जहाँ हूँ, जिस मोड़ पर हूँ मुझे सब बेईमानी लगना चाहिए था। मैं जहाँ हूँ, जिस मोड़ पर हूँ मुझे सब बेईमानी लगना चाहिए था।
ये जरुरी तो नहीं की तुम्हें चूम जब मैं तुझपर अपनी निशानियाँ बना रहा हूँ तो मेरी आँखें बंद हो जाये, ... ये जरुरी तो नहीं की तुम्हें चूम जब मैं तुझपर अपनी निशानियाँ बना रहा हूँ तो मेरी ...
देखो कैसे वो कबूतर जोड़ा हरी हरी घास पर टहलने लगा है सुनो पंडिताइन दिन ढलने लगा है देखो कैसे वो कबूतर जोड़ा हरी हरी घास पर टहलने लगा है सुनो पंडिताइन दिन ढलने ल...
दिसंबर तेरे यादों का मौसम दिसंबर तेरे यादों का मौसम
एक पाकीज़ा रंग जो नज़रों से गुजरे तो इश्क़ बन जाए सूफ़ियाना ,जब हो आसमन में झक सफेद बादल तब मेह बरसे प्य... एक पाकीज़ा रंग जो नज़रों से गुजरे तो इश्क़ बन जाए सूफ़ियाना ,जब हो आसमन में झक सफेद ...
अब तो आ भी जाओ प्रिये तुम, भाता कोई और नहीं। अब तो आ भी जाओ प्रिये तुम, भाता कोई और नहीं।
यादों से कहीं दूर, दिल में रह जाओगे बसे सिर्फ और सिर्फ तुम। यादों से कहीं दूर, दिल में रह जाओगे बसे सिर्फ और सिर्फ तुम।
अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी। अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी।
इश्क़ की बात मत करो मुझसे मैं टूट चुकी हूँ इस मोहब्बत के किरदार में इश्क़ की बात मत करो मुझसे मैं टूट चुकी हूँ इस मोहब्बत के किरदार में
वसीयत जब पढ़ी जाएगी, तो तुम्हारे हिस्से आएंगी मेरी सारी प्रेम रचनाएं! वसीयत जब पढ़ी जाएगी, तो तुम्हारे हिस्से आएंगी मेरी सारी प्रेम रचनाएं!
खिलौने तो ख़रीद लूँगा पर खिलौनों से भी कहीं जी बहलता है खिलौने तो ख़रीद लूँगा पर खिलौनों से भी कहीं जी बहलता है