STORYMIRROR

Lata Kanojia

Inspirational

4  

Lata Kanojia

Inspirational

फिर उठाया जब से मेरी जिंदगी ने

फिर उठाया जब से मेरी जिंदगी ने

1 min
515

कुछ ना चाहत तो ही सब कुछ मिला मुझे

मेरे सब्र का ये ही मिला है सिला मुझे


जब तक मैं डरती थी डराती रही मुझे

हर मुश्किल मजबूत बनाती रही मुझे


राह के कांटे भी फूल बन गए

उसने जब आते हुए देखा मुझे


सिर उठाया जब से मेरी जिंदगी ने

हर नजर करने लगे सिजदा मुझे


जब से गम को हंस के मैंने पी लिया

तब से हर गम लगे मीठा मुझे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational