पद : अब मैं नाच्यो बहुत लुगाई
पद : अब मैं नाच्यो बहुत लुगाई
🎭 अब मैं नाच्यो बहुत लुगाई 🎭
(एक विवश पति की पत्नी के सम्मुख करुण पुकार : सूरदास जी के पद में )
✍️ श्री हरि
🗓️ 22.07.2025
अब मैं नाच्यो बहुत लुगाई,
बाण चलावै नैनन सों तू, लागै मोहि कसाई ।। (अब मैं नाच्यो...)
घर में बैठी हुकुम चलावै, मोसों करे लड़ाई,
मैके के गुण गावै हरदम, मेरी ही करत बुराई ।। (अब मैं नाच्यो...)
मैं "भोला भंडारी" जनम का, तू मन की कुटिलाई,
पास-पड़ोसी नाम धरें अब, होवै जग में हँसाई ।। (अब मैं नाच्यो...)
कभी दिखावै चिमटा बेलन , कभी तू "दंड" चलाई ।
प्रेम की मैं जब बात करूं तो म्हुंडो लेत फुलाई ।। (अब मैं नाच्यो ..)
तेरे आगे ज्ञान भी नाचे, भजन सुनावै खुदाई,
हे ब्रह्मांड सुंदरी! तुझमें, सकल कलाएं समाई ।।
अब मैं नाच्यो बहुत लुगाई!
श्री हरि
22.7.2025
पद पढ़कर यदि अधरों पर मुस्कान की एक हलकी सी रेख भी आ जाए तो मुझे फ़ॉलो करना नहीं भूलें । और हां , कमेंट तो आपको करने ही हैं क्योंकि यदि आप मर्द हैं तो मैंने आपके "भाव" लिखे हैं और यदि आप स्त्री हैं तो मैंने आपकी उपमा ब्रह्मांड से की है । और क्या बच्चे की जान लोगे ?
😛😛😛

