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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

पैरोडी : गम का फसाना बन गया

पैरोडी : गम का फसाना बन गया

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लड़का :

इधर तो आना अरी ओ री दीवानी 

अधर पे लिख दूं एक प्रेम कहानी 

तेरे नाम कर दी है मैंने अपनी जिंदगानी 

इधर तो आना अरी ओ री दीवानी 


मेरे दिल की दुनिया में तू है बसी (2)

जहां में नहीं कोई तुझ सी हंसी 

चांद जैसा मुखड़ा है जिगर का टुकड़ा है 

सुन दिल जानी ना कर मनमानी 

तेरे अधरों पे लिख दूं एक प्रेम कहानी 

तेरे नाम कर दी है मैंने अपनी जिंदगानी 

इधर तो आना अरी ओ री दीवानी 


लड़की 

मेरे ख्वाबों में तेरा चेहरा सनम (2)

तू ही तू मिले मुझको हर एक जनम 

साथ नहीं छोड़ना वादा नहीं तोड़ना 

दे जा निशानी ओ दिलबर जानी 

मेरे अधरों पे लिख दे एक प्रेम कहानी 

मेरे घर डोली ले के आ , बना ले मुझे रानी 


लड़का :

इधर तो आना अरी ओ री दीवानी 

अधरों पे लिख दूं एक प्रेम कहानी 

तेरे नाम कर दी है मैंने अपनी जिंदगानी।



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