STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Inspirational

3  

Jai Singh(Jai)

Inspirational

"पाप पुण्य सब यही है "

"पाप पुण्य सब यही है "

1 min
201

पाप पुण्य सब यही है,खास धरों तुम ध्यान

अपने अंदर झांक लो,दूर करो अभिमान

दूर करो अभिमान,काम तुम नेक दिखाओ

लक्ष्य करो अब पार,दीप शिक्षा का जलाओ

खूब बनें सम्मान,पदम मिले अपने आप

रहो खुशी के साथ , हटे सबके बुरे पाप.


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational