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प्रांजल व्यास

Abstract


1.6  

प्रांजल व्यास

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पांव के कांटे

पांव के कांटे

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क्या रोना धोना जीवन में

क्या सपनों के जाले हैं।

क्या कैसे क्यों किन्तु परन्तु,

यही पाँव के छाले हैं।...


क्या है सत्य असत्य यहाँ पर,

प्रेम की क्या है परिभाषा।

क्या खोने का पश्चाताप,

क्या पाने की अभिलाषा।


क्या सुख दुःख क्या नया पुराना,

जो भूले,मतवाले हैं.

क्या कैसे क्यों किन्तु परन्तु,

यही पाँव के छाले हैं।...



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