STORYMIRROR

प्रांजल व्यास

Abstract

4  

प्रांजल व्यास

Abstract

पांव के कांटे

पांव के कांटे

1 min
909


क्या रोना धोना जीवन में

क्या सपनों के जाले हैं।

क्या कैसे क्यों किन्तु परन्तु,

यही पाँव के छाले हैं।...


क्या है सत्य असत्य यहाँ पर,

प्रेम की क्या है परिभाषा।

क्या खोने का पश्चाताप,

क्या पाने की अभिलाषा।


क्या सुख दुःख क्या नया पुराना,

जो भूले,मतवाले हैं.

क्या कैसे क्यों किन्तु परन्तु,

यही पाँव के छाले हैं।...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract