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Abha Chauhan

Abstract

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Abha Chauhan

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नया सवेरा

नया सवेरा

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खुशियों ने फिर से बिगुल बजाया है,

सवेरा नई किरणों को साथ लाया है।

चारों और हर्ष और उत्कर्ष छाया है,

देखो नए रूप में नया सवेरा आया है।


अपने साथ उम्मीदों का पिटारा लेकर,

ढेर सारी खुशियों का नजारा लेकर।

उमंग के प्रवाह को लेकर साथ,

प्रगति का थामें हाथ नया सवेरा आया है।


आओ वादा करें हम सब मिलकर,

देश का विकास करें खुलकर।

बढ़े सबको साथ आगे लेकर,

सद्भावना के साथ नया सवेरा आया है।


प्रेम से मिल कर हम सब रहें,

बुरा भला किसी को ना कहें।

अन्याय को कभी ना सहें,

इस प्रण के साथ नया सवेरा आया है।


सब के सपनों को पूरा करने ,

पुराने हर जख्म को भरने।

जीवन में नई रोशनी भरने,

दुखों को हरने नया सवेरा आया है।



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