STORYMIRROR

Gyanendra Yadav

Children

3  

Gyanendra Yadav

Children

नन्हा बचपन 🧖

नन्हा बचपन 🧖

1 min
4

होता बचपन बड़ा सुहाना 
चल जाते हैं सभी बहाना 
कभी बुलाते चंदा मामा 
कभी बुलाते नानी नाना
कभी खिलौने पड़े दिखाई 
उन्हें पकड़ने की सुधि आई 
दौड़ पड़े अब उनके पीछे 
पैर फिसल गया गिर गये नीचे 
रोने का अब मिला बहाना 
होता बचपन बड़ा सुहाना 
                ज्ञानेन्द्र यादव 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Children