STORYMIRROR

Dharm Veer Raika

Children Stories

4  

Dharm Veer Raika

Children Stories

मासूम चेहरा.......।

मासूम चेहरा.......।

1 min
209

यह मासूम चेहरा शख्सियत का,

कैसा कसूर है इनके मकसद का,

कब पलटे इनके चेहरे का रंग,

यह साथ रहते थे सभी के संग

मासूम चेहरा......।


आंखों में पता नहीं क्या सपना है,

मुंह से पता चलता है कि नहीं कोई अपना,

क्यों पड़ी इनके चेहरे पर झुर्रियां,

पर किसने पाठ पढ़ाया पड़ गई इनके दूरियां।

मासूम चेहरा......।


दिन का स्वप्न अपनी जेब में,

एक रूम में खाना अपनी सेब में,

इनकी भी कुछ करने की है, ललन

पर अपने स्वप्न को देखकर मन में, जलन।

मासूम चेहरा......।


मां का भी सपना है इन चेहरे का,

पर यह मासूम सुनता क्यों नहीं बहरा,

बोलने का ना शब्द सुनने का ना कान, उदासी

मैं कैसे इनकी सुनूं- बोलो में लूं , उबासी।

मासूम चेहरा......।


क्या मिलता है इन काले अक्षरों से,

बार-बार यह क्या करता है इन कलमों से,

किस पेज में मिलेगी मासूम की हंसी,

पर बात तो इन काले अक्षरों में आकर फंसी।

मासूम चेहरा......।

  


Rate this content
Log in