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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

निहारा था हमने

निहारा था हमने

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एक लम्हा जो तेरी आवाज़ सुनकर गुजारा था हमनें

जाने कैसे- कैसे खुद को ही फिर सँवारा था हमनें।


तेरी आवाज में जाने क्या मदहोशी थी खो गए हम

लगा पहली नजर में जैसे खुद को ही हारा था हमनें।


मुझ पर इल्ज़ाम लगाकर दिल तो दुखाया था तुमने 

मोहब्बत थी बहुत तुमसे इसलिए पुकारा था हमनें।


शिक़ायत है तुमसे कोई न मन मे कोई गिला रहा 

तेरी आवाज का तीर जो सीने में उतारा था हमनें।


उस रात मेरे दीवाने को शक हुआ था मेरी नियत पर

कई दफा"नीतू"के दिल का आईना निहारा था हमने।


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