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Devkaran Gandas

Abstract

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Devkaran Gandas

Abstract

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी

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गिरफ्त में आ रहा है विश्व सारा

ध्यान रखो अब ज्यादा तुम्हारा

फैल रही है कोरोना महामारी

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी।


अब मिलना जुलना छोड़ दो तुम

इस वायरस का मुख मोड़ दो तुम

तुमने कर ली बहुत बातें संसारी

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी।


साफ सफाई का रखो तुम ध्यान

हाथ मुंह धोकर तुम करो जलपान

खाओ शुद्ध साफ भोजन शाकाहारी

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी।


सरकारें सभी कर रही हैं प्रयास

छोड़ो मजाक, करो इसका आभास

नहीं तो पीड़ित होगी मानवता सारी

नहीं सजग रहे तो बारी तुम्हारी।



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