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Rekha gupta

Abstract

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Rekha gupta

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मुस्कान

मुस्कान

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किसी की एक छोटी सी मुस्कान भी

बड़ा अनोखा काम कर जाती है

मुस्कान का कोई मोल नहीं

ये तो एक अनमोल मोती है।


कभी किसी की पल दो पल की मुस्कान

जिन्दगी जीने का सहारा बन जाती है

कभी ढेरों ख़ुशियाँ दे जाती है मुस्कान

तो कभी ताउम्र यादों में समा जाती है


दोस्तों में प्रेम और निकटता बढ़ाती मुस्कान

प्रेमी दिलो में प्यार की रागिनी सुनाती मुस्कान

निराशा में आशा का दीपक जलाती मुस्कान

किसी की दिन भर की थकान मिटाती मुस्कान


पथिक के लिए सघन वृक्ष की छाया है मुस्कान

हारे हुए दिल में जीत की एक उम्मीद है मुस्कान

टूटे हौसले में हिम्मत की एक गूंज है मुस्कान

बीमार के लिए दवा का काम कर जाती मुस्कान


कही खरीदी या बेची नहीं जाती ये मुस्कान

किसी हाट बाजार में नहीं बिकती मुस्कान

ये तो प्यार के आत्मीय सम्बन्धों से पनपती

बस यूं ही मुफ्त में मिल जाती है मुस्कान


ये तो ग़रीब और अमीर हर इंसान की

एक अनमोल विरासत होती है मुस्कान

हर इंसान की ताकत होती है मुस्कान

और काम लाखों के कर जाती है मुस्कान


ईश्वर से मिला अमूल्य खजाना है मुस्कान

इसलिए हमेशा ही मुस्कुराते रहिए 

अपनी मुस्कान की खुशबू बिखेरते रहिए

जिन्दगी का सफर खुशनुमा बनाते रहिए ।


                    



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