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Shreya Karekar

Romance

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Shreya Karekar

Romance

मोहब्बतें

मोहब्बतें

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मिलना बिछड़ना तो दस्तूर हो गया           

उन्हें याद रखना अभी कसूर हो गया।         

सामने है वो फिर भी मिल नहीं पाते           

देखो कितना मजबूर यह दिल हो गया।         


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