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PANKAJKUMAR THOMBARE

Romance

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PANKAJKUMAR THOMBARE

Romance

मोहब्बत हो गई है

मोहब्बत हो गई है

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सनम मेरी अमानत हो गई है

तिरी चाहत इबादत हो गई है

मुझे हर फैसला मंज़ूर तेरा

ज़ुबाॅं तेरी अदालत हो गई है


सहारा ढुंढता हुॅं मै तुम्हारा

तुम्हें पाना ही मन्नत हो गई है


बहारें लौट आयी है जहाॅं में

तिरी मुस्क़ान जन्नत हो गई है


छुपाकर क्या करोगे तुम कहानी

बताओ ना मुहब्बत हो गई है।


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