STORYMIRROR

Kusum Surya

Abstract

3  

Kusum Surya

Abstract

मोहब्बत बकवास

मोहब्बत बकवास

1 min
493

मोहब्बत छोड़ दी हमने

कोई मुबारकबाद तो दो

उसको बेवफा कह के हम खुद   

अपनी नजरों में गिर जाते हैं।


क्योंकि वो पसंद भी अपना था 

और प्यार भी अपना !

उन्होंने जो किया ये

शायद उनकी फितरत है !


अपने लिये तो प्यार

एक इबादत है !

न मिले उनसे तो

मरकर बता देंगे !


कि कितनी मुहब्बत है इस दिल में !

हम उसे भूल कर भी नहीं जी सकते,

हम उसे याद करके भी नहीं जी सकते,

मर जाते कब के उनके बिना।


पर क्या करे उनकी बाहों के बिना

मर भी नहीं सकते !

जब मुझसे मोहब्बत ही नहीं

तो रोकते क्यूं हो ?


तन्हाई में मेरे बारे में

सोचते क्यूं हो ?

जब मंजिलें जुदा है तो

जाने दो मुझे,

लौट के कब आओगे ये पूछते क्यों हो ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract