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Umesh Tiwari

Romance

4  

Umesh Tiwari

Romance

मनमानी

मनमानी

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मुझको मंज़ूर तेरी मनमानियां!
तू ही प्यार मेरा
तू करार मेरा।
तू तड़प, तू सुकूं
तू नशा, तू जुनूं !
सितम भी तेरे हैं मेहरबानियां!
मुझको मंज़ूर तेरी मनमानियां!!....

है लबों पे मेरे -बस नाम तेरा,
तू खुदा है सनम, मैं गुलाम तेरा,
मेरी सांसों में है तेरी खुशबू ,
हरदम ये लगे तू है रूबरू
हैं फिज़ा में भी तेरी ही रवानियां!!
मुझको मंजूर तेरी मनमानियां!!

तू जगाए- जगूं।
तू चलाए- चलूं
तेरे संग फिरूं,
जो कहे वो करूं ।
क़ातिल हर अदा
दिल तुझपे फ़िदा।
दिलकश हैं तेरी नादानियां!!
मुझको मंजूर तेरी मनमानियां!!


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