मम्मी पप्पा
मम्मी पप्पा
ओ मेरे मम्मी पप्पा स्कूल मे मुझे भेज दो
मेरा क्या कसूर है मुझे पढ़ना पसंद है,
गांव में लड़की से जब रेप हुआ था
उसको दिन में ही तड़पा तड़पा कर मारा था,
तबसे मेरा घर से आना जाना बंद किया था
मुझे घर-आंगन तक ही सीमित रखा गया था,
माँ बोलती है मुझे काम में मेरा चल हाथ बटा
पोछा लगाकर रोटी चावल सीखकर खाना बना,
जाकर मैंने जब भाई को बोला तो भाई ने बताया
ड्रॉइंग पेंटिंग तू निकाल देना दिल बहल जायेगा,
डैडी को रोते हुए कहा माँ मुझे स्कुल नहीं भेजती
डैडी बोले मेरी प्यारी बेटी मां का बहुत सुनती,
इस तरह से निकल नहीं पा रही थी मैं घर से
हर दिन घर में घुट घुटकर मेरे नैन तरसे,
और मेरी आखों से पानी ही पानी बरसे
मेरी बातों को घर पे कोई भी नहीं सुनते।
