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मिलन

मिलन

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ये कैसा सिला दिया, ये कैसा जो प्यार था।

ये राधा-कान्हा का मिलन, क्या उम्र का मोहताज था?

वो गर्मियों के दिन में, वो पीपल के पेड़ों की छाँव में।

वो सर्दियों की रात में, वो पास के अलाव में।।

वो तेरा मुझको चूमना, लिपटना, सिमटना।

वो बारिशों की बूंदों में, महकना, बहकना।।

ये सब अगर जो प्यार था, क्या उम्र का मोहताज था?

ये कैसा सिला दिया, ये कैसा जो प्यार था।

ये राधा-कान्हा का मिलन, क्या उम्र का मोहताज था?

 


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