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Abhishek Kute

Romance

4  

Abhishek Kute

Romance

मिले थे जिस दिन तुमसे

मिले थे जिस दिन तुमसे

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मिले थे जिस दिन तुमसे

मिले थे जिस दिन तुमसे

लगा जैसे बरसों का नाता हो

जिंदगी के इस सफर में 

बस यही तो अपना हो।


ढूंढ रहे थे हम ख़ुशी

ढूंढ रहे थे हम ख़ुशी

दुनिया के इस मेले में

पर हमे कहा पता था 

की वो तो हमारे सामने ही थी।


कहनी थी वो बात तुमसे

कहनी थी वो बात तुमसे

जो इस दिल में आयी थीं

हलक से जुबान पर 

वो अभी उतरी नहीं थी।


गले लगाना था तुमको

गले लगाना था तुमको

पर लगा वो वक्त नहीं था

शायद ज़िन्दगी का वो पल 

हमारे नसीब में नहीं था।


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