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श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

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श्रेया जोशी 'कल्याणी'

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मेरी प्यारी बहना

मेरी प्यारी बहना

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मेरी प्यारी सी गुड़िया को 

मेरी प्यारी सी बहना को 

कैसे दूं बधाई आज


कैसे बताऊँ तुझे

महत्ता इस दिन की 

नहीं मुझमें क्षमता इतनी 

अपनी भवनाओं को 

बांध सकूँ शब्दों में आज 

मेरी लेखनी ने भी 

अब तो छोडा़ मेरा साथ 


कहे 'कल्याणी' बस इतना 

नहीं मांगी बचपन में मैंने पापा से 

गुड़िया वो खिलौनों वाली 

दे रखी थी महादेव जी ने 

एक प्यारी सी गुड़िया हसने- रोने वाली 


हसती- मुस्कुराती रहना 

ओ! मेरी प्यारी बहना 

बधाई हो बधाई तुझे 

जन्मदिन की बधाई 

ओ! मेरी प्यारी बहना।


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