Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

अनामिका वैश्य आईना

Inspirational


4  

अनामिका वैश्य आईना

Inspirational


मेरी प्रेरणा -रानी लक्ष्मीबाई

मेरी प्रेरणा -रानी लक्ष्मीबाई

1 min 148 1 min 148


नारी तुम शक्तिशाली हो, सबको यह बतलाई थी

संघर्षों से जूझने वाली वो स्त्री मर्दानी कहलाई थी

त्याग-समर्पण-मनोक्रांति विदुषी धर्म-कर्म-न्यायी वो 

गौरवशाली व्यक्तिव की धनी रानी लक्ष्मीबाई थी..


जोश-होश का अद्भुत वो मिश्रण 

हिम्मत-संकल्प-संस्कृति-समर्पण

देश और देशवासियों की ख़ातिर 

ज़ज्बा स्व प्राण करने का अर्पण

नारी वर्ग की बनी प्रेरणा कोमलता में अग्नि सजाई थी..


नयनों में रखे वो ज्वाल स्वतंत्रता 

कोमल काया मन अग्नि प्रबलता

गोरे एक नज़र से थर-थर काँपतें

अद्भुत व्यक्तित्व की ये सफ़लता

कथनी-करनी में दृढ़ स्ववीरता से वो सजी-सजाई थी..


अपनी राहें वो स्वयँ चुन बढ़ती थी 

अपनी बुद्धि-हिम्मत से लड़ती थी 

स्पष्टकथनी थी ज़ुल्मों की विरोधी 

वो इतिहास स्वयं स्वर्णिम गढ़ती थी 

नित निज नियमों पर अटल रही संघर्षों से करी सगाई थी.. 


Rate this content
Log in

More hindi poem from अनामिका वैश्य आईना

Similar hindi poem from Inspirational