STORYMIRROR

Shipra Khanna

Abstract

3  

Shipra Khanna

Abstract

मेरी माटी

मेरी माटी

1 min
268

प्राणों से भी प्यारी है,

रीझती दुनिया सारी है

संस्कृति इसकी न्यारी है,

है गौतम बुद्ध की भूमि ये,

कबीर, नानक की फुलवारी है,

मर मिटने वालों की फेहरिस्त में,

अनगिनत वीरों की कहानी है,

है ज्ञान का यहाँ भण्डार भरा,


हर बात इसकी निराली है,

है शांति इसको सर्वप्रिय,

ये और कोई नहीं,

ये, मेरे देश की माटी है।


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Abstract